सिंघम अगेन मूवी रिव्यू: शोर-शराबे और दोहराव से भरी अजय देवगन की फिल्म, देखने के बाद भूलने लायक

सिंघम अगेन
सिंघम अगेन

सिंघम अगेन में हमें एक बार फिर अजय देवगन के ‘बाजीराव सिंघम’ का जलवा देखने को मिलता है, जो इस बार हमें एक ‘मर्यादा पुरुषोत्तम राम’ के आधुनिक रूप में दिखाए गए हैं। उनकी पत्नी अवनी (करीना कपूर खान) सीता का रूप लेती हैं, और अन्य किरदार रामायण के पात्रों की तरह दिखाए गए हैं। रोहित शेट्टी का यह नया प्रयोग दिलचस्प लग सकता है, लेकिन फिल्म की कमियाँ इसे पूरी तरह से ढँक देती हैं।

फिल्म की कहानी: शोर-शराबा और दोहराव का बोलबाला

रोहित शेट्टी के फिल्मों में शोर और एक्शन का होना सामान्य है, लेकिन इस बार कहानी और किरदारों के बीच तालमेल की कमी है। एक अच्छी कहानी के लिए खलनायक का दमदार होना ज़रूरी होता है, लेकिन इस फिल्म में अर्जुन कपूर ‘खलनायक’ की भूमिका में फिट नहीं बैठते। फिल्म में उनका किरदार ‘डेंजर लंका’ के नाम से जाना जाता है, जो वास्तव में श्रीलंका में स्थित है। उनका असली नाम ज़ुबैर हाफिज है, और वे व्यक्तिगत बदले के लिए भारत में विनाश करने आते हैं। परन्तु, अर्जुन कपूर का किरदार पूरी तरह से कमजोर और डरावना होने में असफल रहता है, जो इस फिल्म को निराशाजनक बनाता है।

सिंघम अगेन
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महिला किरदारों की भूमिका: डीपिका पादुकोण और करीना कपूर का अभिनय

इस पुरुष प्रधान पुलिस-यूनिवर्स में महिलाओं की भूमिका भी देखने को मिलती है। करीना कपूर खान फिल्म में कुछ दृश्यों में दिखती हैं, जहाँ वे एक सरल और सजी हुई साड़ियों में जंगल से भागती हैं और बिना किसी खरोंच के वापस आती हैं। वहीं, दीपिका पादुकोण फिल्म में पुलिस वर्दी में नजर आती हैं और ‘लेडी सिंघम’ का टैग प्राप्त करती हैं, जहाँ वे खलनायकों के साथ मुठभेड़ करती हैं। फिल्म में टाइगर श्रॉफ को ‘लक्ष्मण’ के किरदार में दिखाया गया है, लेकिन उनका किरदार कहानी में ज्यादा समय तक नहीं दिखता है। रणवीर सिंह का ‘सिंबा-हनुमान’ किरदार, हँसी-मज़ाक से भरा हुआ है और अपनी कोशिशों के बावजूद ज्यादा प्रभावित नहीं करता है। आखिरी क्षण में अक्षय कुमार का ‘खिलाड़ी’ अंदाज़ और स्लो-मो एंट्री देखने को मिलती है, जो दर्शकों के लिए कुछ नया नहीं है।

फिल्म का निर्देशन और धारणाएँ

फिल्म की कहानी और निर्देशन एक कमजोर कड़ी के रूप में उभर कर सामने आते हैं। रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्य से प्रेरणा लेने के बावजूद, फिल्म में दुहराव और अनावश्यक संवादों का बोलबाला है, जो दर्शकों के धैर्य की परीक्षा लेता है। नए लोकेशन और नए किरदार भी इस कहानी को नया रंग नहीं दे पाते। फिल्म के अंत में आपको ऐसा लगेगा जैसे आपने एक लंबा और थकाने वाला सफर तय किया हो।

क्या होगा अगला कदम? ‘लेडी सिंघम’ की सोलो फिल्म?

सिंघम अगेन जैसी फिल्म में हम सिर्फ वही चीजें देख पाते हैं जो हमने पहले भी कई बार देखी हैं। इस फिल्म में इतने ज्यादा दुहराव हैं कि इसे देखते हुए रामायण की कहानी की केवल बाहरी छवि ही उभर कर सामने आती है।

निष्कर्ष

सिंघम अगेन में कुछ खास नया नहीं है जो दर्शकों को लंबे समय तक याद रहे। कार्तिक आर्यन की फिल्म की तरह इस फिल्म में भी हमें वही दुहराव और असंगतता देखने को मिलती है।

फिल्म की रेटिंग: डेढ़ स्टार

मुख्य कलाकार: अजय देवगन, करीना कपूर खान, अर्जुन कपूर, रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण, जैकी श्रॉफ, रवि किशन

निर्देशक: रोहित शेट्टी

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